भारतीय क्षात्त्र परम्परा - Part 15
बुद्ध के समय के सोलह बडे राज्य निम्नानुसार थेः- अंग मगध काशी कोसल वृजिगण (वज्जीगण)[1] मल्लगण[2] चेदी[3] वत्स (बच्च)[4] कुरु पांचाल मत्स्...
Hindi translation of Bharatiya Kshatra Parampare
बुद्ध के समय के सोलह बडे राज्य निम्नानुसार थेः- अंग मगध काशी कोसल वृजिगण (वज्जीगण)[1] मल्लगण[2] चेदी[3] वत्स (बच्च)[4] कुरु पांचाल मत्स्...
यत्र तत्र इस बात के भी संदर्भ मिलते हैं कि ग्रीक महिलाओं को भारत में काम पर रखा जाता था। श्यामिलक की पुस्तक ‘पाद-ताडितक-भाण’ में कुसुमपुरा में रहने वाले ग्रीक व...
जितनी स्वतंत्रता की आवश्यकता है उतनी ही आवश्यकता हमें संयम और आत्मानुशासन की भी है। जब हम नियंत्रणों का सम्मान करना जान लेंगे तब ही हमे अधिकार और सुविधाएँ प्राप...
चाणक्य कोई धर्मान्ध व्यक्ति नहीं था। वह स्वयं आसानी से सिंहासन पर बैठ सकता था जैसा कि उन दिनों ब्राह्मणों का राजा बनना प्रचलन में था। मौर्य साम्राज्य के पतन के...
सनातन धर्म अगणित समस्याओं के श्रेष्ठ निदानों का अनमोल खजाना है। उदाहरण के लिए ‘संकल्प’ पर विचार करें जिसे हम अपने दैनिक पूजा पद्धति की एक क्रिया के रुप में करते...
युद्दभूमि में बडे बडे योद्दाओं द्वारा प्राण त्यागने वाले वीरों को प्राप्त ‘स्वर्गलोक’ की अवधारणा में सनातनधर्म और सेमेटिक धर्मो के मध्य मूलभूत अन्तर है। उदाहरणा...
अर्थशास्त्र में क्षात्र चेतना चाणक्य ने गणतांत्रिक व्यवस्था में जो भी श्रेष्ठ था उसे अपनाते हुए साम्राज्य की अश्वमेध की अवधारणा को भी पुनः लौटाया। इन दोनों का...
चाणक्य की असाधारण प्रतिभा चाणक्य तथा चन्द्रगुप्त समान महानता और मनोवृत्ति वाले व्यक्ति थे। इसका साक्षात प्रमाण यह है कि अनेक वर्षों तक एक बृहत्साम्राज्य का उसक...
चाणक्य यंहा दो शब्दों का प्रयोग करता है – ‘अपवाहयंति’ और ‘कर्षयंति’ अर्थात् ‘पूरीतरह से भक्षण करना’ और ‘उत्पीडित’ करना। चाणक्य का कहना है कि यदि हम इन कठोर विप...
दुर्भाग्य से अशोक को कृष्ण के समान कोई मार्गदर्शक नहीं मिला और नहीं उसने बुद्ध के समान सत्य को पूर्ण समर्पित जीवन जीया। वह क्षात्र के पथ से भटक गया। मेरी दृष्टि...
बुद्ध द्वारा प्रतिपादित सातगुण – सप्तशील लिच्छवियों के प्रश्न के प्रति उत्तर में बुद्ध ने उन्हे सात सिद्धांतों का उपदेश दिया। इस विषय पर महान राष्ट्रप्रेमी और...
अशोक की अहिंसा नीति का आकलन इत् सिंग जैसे चीनी यात्री के अभिलेखानुसार अशोक एक सन्यासी तथा बौद्ध भिक्षु था। उनके कथनानुसार उन्होने ऐसी प्रतिमा के दर्शन भी किये...